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नौतनवा :- पशु चिकित्सालय बना भ्रष्टाचार का अड्डा, सरकारी फीस के नाम पर मची लूट,सौ रूपए वसूले जा रहे हैं फीस

एम आर फरुकी उप संपादक

वी आई एन न्यूज़ / नौतनवा  /महराजगंज

सरकारी फीस के नाम पर अवैध वसूली हुई तो दर्ज होगा मुकदमा= एसडीएम

नौतनवा तहसील मुख्यालय का अस्पताल जो बरईपार में स्थित है इन दिनों लूट, खसोट एवं भ्रष्टाचार का पूरी तरह अड्डा बना हुआ है |

डॉक्टर द्वारा जहां टीकाकरण के नाम पर अपने चुनिंदा दलालों को लगाकर गांव में टीकाकरण के नाम पर अवैध वसूली कराई जा रही है वहीं पशु अस्पताल पर भी यदि कोई पशुपालक अपने जानवर को ले जाता है तो सरकारी फीस के नाम पर डाक्टर द्वारा स्वयं ₹100 वसूले जा रहे हैं । ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नहीं है ,लेकिन उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरकारी फीस के बाबत कुछ भी बताने से आगे पीछे हो रहे हैं।

इनकी बातों से ऐसा लगता है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संरक्षण में इस तरह का भ्रष्टाचार फैल रहा है । टीकाकरण के नाम पर कागजी खानापूर्ति कराई जा रही है । अस्पताल मुख्यालय पर अधिकांश डॉक्टर नदारद रहते हैं। पशुपालकों का बहुत ही बुरा हाल है । नौतनवा का पशु अस्पताल जो इन दिनों बरईपार में स्थित है उस पर तैनात डॉक्टर, पशु पालकों से डंके की चोट पर लेवी के नाम पर ₹100 वसूली करते हैं। यदि कोई भी पशुपालक उनका विरोध किया तो उसे ठीक करने की धमकी देने से भी बाज नहीं आते। बताया जाता है कि नौतनवा तहसील क्षेत्र के अधिकांश ऐसे बाढ़ ग्रसित गांव हैं जहां फर्जी टीकाकरण कराया गया है ।

अभी नौतनवा क्षेत्र के दर्जनों गांव में बाढ़ आई हुई थी जहां अधिकांश पशु विभिन्न बीमारी से काल के गाल समा गए। लेकिन पशुओं के जान से डॉक्टरों का कोई लेना-देना नहीं रह गया है । सर्वाधिक बुरी स्थिति नौतनवा पशु डॉक्टर की है। लेवी के नाम पर पशु पालको द्वारा वसूले जा रहे ₹100 फीस के बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा अलग-अलग जानवरों का अलग-अलग फीस हैI लेकिन ₹100 कोई फीस नहीं है। उन्होंने तहसील दिवस का हवाला देते हुए कि मैं तहसील दिवस में बैठा हुआ हूं ।जांच कर इस मामले में कार्रवाई करूंगा ।

इस संबंध में उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार का कहना है कि शीघ्र अस्पताल की आकस्मिक जांच की जाएगी। पशु अस्पताल पर धन उगाही की शिकायतें यदि मिली तो संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध गंभीर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र प्रेषित कर दिया जाएगा। उप जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी पशुपालक से लेवी से अधिक फीस वसूली गई तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने में भी कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा।

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